स्वस्तिकासन योग क्या हैं, विधि, लाभ

यदि हमारा शरीर स्वस्थ और निरोगी हो तो हम अपने जीवन में दूसरी बातों पर ध्यान दे भागते हैं। यदि हमें स्वस्थ रहना है तो यह हमारे ऊपर निर्भर करता है। भारत एकमात्र ऐसा देश है जिसने मनुष्य योग पद्धति योग के रूप में पूरे विश्व को एक अनमोल धरोहर प्रदान की है। योगासन के अभ्यास के दौरान हमें कुछ क्रियाएं करनी होती है जिनसे शरीर के सभी अंग ग्रंथियां और इंद्रियां प्रभावित होती हैं और हमारा शरीर स्वस्थ बना रहता है।

शरीर में होने वाले मानसिक और शारीरिक बीमारियों को दूर रखने के लिए स्वस्तिकासन बहुत बड़ा महत्व होता है। यह ना सिर्फ शरीर को तंदुरुस्त बल्कि मन और शरीर का संतुलन बनाने में भी काफी मदद करता है।

इस पोस्ट के माध्यम से आज आप स्वस्तिकासन क्या है? स्वस्तिकासन करने की विधि के साथ-साथ इस आसन का अभ्यास करने से क्या लाभ मिलते हैं? के बारे में जानेंगे इसीलिए आपको इस पोस्ट को लास्ट तक पढ़ना होगा।

स्वस्तिकासन योग क्या है? | what is Swastikasana in Hindi

स्वस्तिकासन योग क्या है what is Swastikasana

योग का अभ्यास करना हमारे शरीर को अभिन्न बीमारियों से बचाने और शरीर को स्वस्थ रखने के लिए काफी जरूरी होता है। योग का नियमित रूप से अभ्यास शरीर को स्वस्थ रहने के साथ-साथ मानसिक शांति भी प्राप्त होती है। मन की शांति एवं स्वस्थ शरीर के लिए Swastikasana का अभ्यास करना काफी बेहतर माना जाता है। स्वस्तिक एक संस्कृत भाषा का शब्द है जिसका अर्थ होता है शुभ,स्वस्तिकासन योग पंक्तियों में सबसे महत्वपूर्ण आसन है।

इस आसन का सही विधि से अभ्यास व्यक्ति को कई तरह की शारीरिक बीमारियों तथा मानसिक बीमारियों से छुटकारा दिलाने में लाभकारी होता है। लेकिन इस आसन को करते समय आज को कुछ सावधानियां बरतनी होगी साथ ही आपको सही विधि से इस आसन का अभ्यास करना चाहिए तभी आप मन की शांति प्राप्त कर सकते है।

शुरुआती समय में इस आसन का अभ्यास आपके लिए कठिन हो सकता है, लेकिन एक बार आप अपने मन को एकाग्र करके स्वस्तिकासन का अभ्यास शुरू कर दे तो आपके शरीर को कई तरह के लाभ मिलेंगे।

स्वस्तिकासन योग करने के लाभ

यही योगासन सभी योगासन में सबसे महत्वपूर्ण और शरीर के लिए बेहद फायदेमंद होता है इसका अभ्यास शरीर को कई तरह के रोगों से मुक्त कर निरोग बनाने में सहायता प्रदान करता है इस से होने वाले फायदे इस प्रकार हैं-

कमर को सीधा कर दर्द में दे आराम

स्वस्तिकासन का अभ्यास करने के दौरन हमे एक दम सीधे ध्यान की अवस्था मे विराजमान होना पड़ता है जिसकी बजह से कमर सीधी हो जाती है और कमर में होने वाले दर्द में काफी राहत मिलती है और रीढ़ की हड्डी भी स्वस्थ बनती है।

इसलिए जिन लोगो को कमर के दर्द के कारण परेशानी उठानी पड़ती है वह इस आसन का नियमित इस्तेमाल करके कमर के दर्द से कुछ ही दिनों में राहत प्राप्त कर सकते है।

घुटनों के दर्द के लिए फायदेमंद

घुटनों के दर्द के कारण लोगो को चले और उठने बैठने में काफी दिक्कत आती है ऐसा हड्डियों की कमजोरी के कारण होता है। यदि आप जोड़ो के दर्द या घुटनो के दर्द से परेशान है तो आप स्वस्तिकासन का नियमित रूप से अभ्यास करके कुछ ही दिनों में इस समस्या से छुटकारा पा सकते है। स्वस्तिकासन घुटनों के दर्द को पूरी तरह से खत्म करने के लिए काफी उपयोगी माना जाता है।

मन शांत रखने में करे मदद

डिप्रेशन या जीवन मे आने वाले वाली समस्याओं का निवारण तभी किया जा सकता है जब हमारा मन शांत होगा स्वस्तिकासन एक ऐसा आसन है जिसका अभ्यास आपको अपने मन पर नियंत्रण करने तथा मन को शांत रखने में काफी मदद प्रदान करता है। वैज्ञानिकों के द्वारा किए गए शोध के मुताबिक जो लोग इस आसन का अभ्यास नियमित रूप से करते हैं उनका मन शांत रहता है और शरीर भी स्वस्थ बना रहता है।

मस्तिष्क के विकास के लिए लाभकारी

यदि आप एक छात्र या छात्रा हैं और आप किसी तरह की परीक्षा देने जा रहे हैं या फिर आपकी परीक्षा आने वाली हैं तो स्वस्तिकासन का नियमित अभ्यास आप को सही तरह से पढ़ने में मन लगाने के लिए काफी फायदेमंद होगा। क्योंकि इस आसन के अभ्यास से हमारा मन नियंत्रित रहता है जिसकी वजह से हम बिना किसी समस्या के एक ही जगह पर ध्यान केंद्रित कर पाते हैं।

स्वस्तिकासन करने की विधि

जय सभी योगासनों में से सबसे आसान और शरीर के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है अगर आप सही तरीके से इसका अभ्यास करते है अगर आप स्वस्तिकासन का सही विधि से अभ्यास करना चाहते है तो निम्नलिखित चरणों का पालन करें।

  • स्वस्तिकासन के अभ्यास के लिए सबसे पहले आपको जमीन पर योग मैट बिछाकर उस पर पैर फैला कर बैठना होगा।
  • इसके बाद आपको अपने बाएं पैर को भीतरी दाईं जांघ पर रखे और दाएं पांव को भीतरी बाईं जांघ को रखना है।
  • तथा अपनी रीढ़ की हड्डी को एक दम सीधा रखे।
  • हो सके तो आप ज्ञान मुद्र में बैठने का प्रयास करें, बैठते समय आपके घुटनों जमीन से Tuch होने चाहिए।
  • अब आपको अपने शरीर को एकदम सीधा रखते हुए धीरे-धीरे सांस लेनी है और धीरे-धीरे सांस छोड़ने है।
  •  यह प्रक्रिया आप जितनी बार हो सके उतनी बार करें आपके लिए काफी फायदेमंद होगी।

स्वस्तिकासन करने के लिए क्या सावधानी बरतें

स्वस्तिकासन का अभ्यास करने से पूर्व आपको निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना है जैसे-

  • यदि आप साइटिका बीमारी से पीड़ित हैं तो कृपया करके इस आसन का अभ्यास करने से खुद को बचाएं।
  • जिन व्यक्तियों की रीढ़ की हड्डी से संबंधित कोई समस्या जैसे गंभीर चोट तो उन्हें इस आसन का अभ्यास नहीं करना चाहिए।
  • यदि आपके घुटनों में बहुत अधिक दर्द रहता है तथा मोड़ने में समस्या होती है तो इस आसन का अभ्यास बिल्कुल भी ना करें ऐसा करने से आपके जोड़ों का दर्द बढ़ सकता है और आपको अधिक परेशानी हो सकती है।

स्वस्तिकासन से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण प्रश्न और उनके उत्तर

स्वस्तिकासन क्या है?

यह एक तरह का योगासन है जिससे हम अपने शरीर को स्वस्थ और अपनी मन पर नियंत्रण कर के उसे शांत रख सकते हैं। इसका अभ्यास करना बहुत ही आसान होता है।

स्वस्तिक का अर्थ क्या है?

स्वस्तिक का अर्थ शुभ होता है जो शरीर में सकारात्मक ऊर्जा को उत्पन्न करने और ध्यान केंद्रित करने में मदद करता है।

स्वस्तिकासन को शरीर से क्या लाभ मिलते हैं?

इस आसन का अभ्यास करके शरीर को रोगहीन और तंतरुस्त बनने के लिए बहुत ही लाभकारी होता है। जिसे सभी आसान में सबसे सरल माना जाता है।

निष्कर्ष

ये था आज का हमारा आर्टिकल स्वस्तिकासन क्या है? के बारे में बतायी गयी जानकारी कैसा लगा Comment करके आपको अपनी राय हमारे साथ जरूर शेयर करे।तथा आप इस पोस्ट को अपने दोस्तों के साथ शेयर करना न भूले। अगर आप स्वस्थ्य से संबंधित अन्य महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं तो हमारी वेबसाइट पर बने रहे।

Leave a Comment