ताड़ासन योग | लाभ, करने की विधि

आज के इस आधुनिक युग मे लोग इतने व्यस्त हो गए है कि वह अपने स्वस्थ की और कुछ खास ध्यान नहीं दे पाते है। जिसकी बजह से लोग अधिक बीमार होते है और कई घातक बीमारियां के शिकार हो जाते है। योग इस सभी बीमारियों से बचने और शरीर को स्वस्थ रखने का सबसे सरल और सटीक रस्ता है। अगर आप अपनी दिनचर्या में रोग को शामिल करते है तो आप अपने शरीर को सेहतमंद रख सकते है।

शरीर को तंतरुस्त बनने के लिए योग बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है ये कई प्रकार के होते है, जिनमें से एक ताडासन है। आज के इस लेख में हम ताडासन क्या है? और इससे करने की विधि क्या है? तथा ताडासन इसका अभ्यास से शरीर को क्या लाभ मिलता है आदि के बारे में चर्चा करेंगे।

ताड़ासन क्या है? | What is Tadasana in Hindi

ताडासन को हिंदी भाषा मे पर्वत आसान भी कहा जाता है। जो अन्य सभी योगासन में सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण माना जाता है इसका मुख्य कारण यह है कि ताडासन का नियमित रुप से अभ्यास उन लोगो के लिए काफी फायदेमंद होता है जिनकी लंबाई नही बढ़ती है। यह आसन लंबाई को बढ़ाने के लिए बहुत हो लाभकारी होता है। ताडासन का अभ्यास से शरीर मे रक्त का संचार बहुत सही तरीके से होता है।

साथ ही हमारी घुटनों, टखनों और भुजाओं में मजबूती आती है। अगर आप सोच रहे है इस आसन का अभ्यास करना कठिन होता है तो आप गलत है। जितने भी योगासन है उनमें से ताडासन का अभ्यास करना बेहद आसान होता है। ताड़ासन को करने की विधि के बारे में जानने के लिए आपको इस लेख को अंत तक पढ़ना होगा।

ताडासन को करने के लाभ | Benefits of Tadasana in Hindi

ताड़ासन एक ऐसा योगाभ्यास है जो हमारे शरीर को कई लाभ पहुँचता है अगर आप इस योगाभ्यास से होने वाले लाभ के बारे में जानना चाहते है तो निम्नलिखित बिंदुओ पर अपना ध्यान केंद्रित करें-

शरीरिक एवं मानसिक रूप से संतुलित बनने के लिए

ताड़ासन का अभ्यास हमे मानसिक एवं शारीरिक रूप से मजबूत बनकर शान्ति प्रदान करता है जिससे शरीर की ग्रन्थियों पर नियंत्रण रहता है और हम शरीर मानसिक और शरीरिक तनाव से पूरी तरह से मुक्त रहता हैं। अगर आप किसी तरह के तनाव से गुजर रहे है तो इस आसान का योगभ्यास आपके लिए फायदेमंद हो सकता है।

रीढ़ की हड्डी की बीमारियों को रोकने में

रीढ़ की हड्डी हमारे शरीर का एक एहम हिस्सा है जो पूरे शरीर को मजबूत रखने और शरीर का संतुलन बनने में सहयोग करती है। इस आसन को करने के दौरन हमारे शरीर की रीढ़ की हड्डी पर काफी खिंचाव आता है जिससे रीढ़ की हड्डी को मजबूती मिलती है साथ ही इससे जुड़ी कई तरह की बीमारी भी दूर रहती है।

कब्ज में लाभकारी

यह एक ऐसा आसान है जो मानव पाचन तंत्र को मजबूर और स्वास्थ्य बनाये रखने में काफी मददगार होता है। इसी कारण यह पेट से सम्बंधित समस्या जैसे कब्ज को दूर करने में सहयोग करता है। इसलिए जिन लोगो को कब्ज की शिकायत है उन लोगो को ताडासन का अभ्यास अवश्य करना चाहिए। इसके अलावा इस आसन का नियमित अभ्यास आपकोसियाटिका की समस्या से भी छुटकारा दिला सकता है।

श्वसन सम्बंधित बीमारी को रोकने में

अगर आपको श्वसन सम्बंधित किसी भी तरह की समस्या है तो आपके लिए ताडासन का अभ्यास करना काफी फायदेमंद हो सकता है। एक शोध के अनुसार जो लोग ताडासन का अभ्यास करते है उन लोगो मे अन्य लोगो की तुलना में श्वसन प्रणाली काफी मजबूत पाई गई है। यानी कि ताडासन का अभ्यास श्वसन से जुड़ी सभी तरह की समस्याओं से छुटकारा दिला सकते है।

लंबाई बढ़ाने में मददगार

लंबाई शरीर की एक ऐसी किया है जो रोजमर्रा की दिनचर्या और खेल कूद पर निर्भर करता है इसके साथ ही ताड़ासन का अभ्यास करने से भी शरीर की लंबाई बढ़ती है। क्योंकि इस आसन चक्र के दौरान हमारे पूरे शरीर पर खिंचाव पड़ता है। जिससे शरीर की लंबाई बढ़ने लगती है। ऐसे में जिन बच्चों की लंबाई नही बढ़ रही है वह इस आसन को करके अपने शरीर की लंबाई बढ़ा सकते है।

ताडासन को करने की विधि

ताड़ासन योग लाभ

इस आसन का अभ्यास करना बहुत ही आसान होता है। इस आसन के सभी लाभ प्राप्त करने के लिए बस आपको ताडासन का सही विधि से करना होगा।

  • इस योगभ्यास को करने के लिए पहले आपको ऐसी अवस्था मे खड़ा होना है जिसमे आपकी कमर और गर्दन एक दम सीधी हो।
  • अब आपको अपने दोनों हाथों को सिर के ऊपर रखना है और धीरे धीरे स्वास लेते हुए पूरे शरीर को ऊपर की ओर खींचना है।
  • और अपने पंजों की उंगलियों पर खड़ा होता। अगर आपको ऐसा करने में समस्या आती है तो दीवार का सहारा ले।
  • आपको इसी अवस्था मे लगभग 2 मिनट तक बने रहना है। उसके बाद धीरे धीरे आपको पहली वाली विराम अवस्था मे आना है।
  • इस प्रकार आपका ताडासन का एक चक्र पूरा कर चुके है आप इससे कम से कम 10 बार दोहरे।

ताड़ासन के लिए सावधनी

वैसे तो इस आसन को करना बहुत आसान है लेकिन कुछ विशेष स्थिति में आपको इस आसन को करने से बचना चाहिए जैसे

  • यदि इस आसन का अभ्यास करते समय आपके घुटनों में बहुत अधिक दर्द होता है तो आप इस आसन को ना करें।
  • यदि आपके मस्तिष्क में दर्द हो रहा है या फिर आप किसी तरह की मानसिक बीमारी से पीड़ित हैं तो आपको ताड़ासन नहीं करना चाहिए।
  • जो महिलाएं बच्चे को जन्म देने वाले हैं उन महिलाओं के लिए ताडासन पूर्ण रूप से करना रोकना चाहिए।
  • यदि आपके शरीर का रक्त चाप बहुत अधिक या कम है तो इस आसन का अभ्यास करने से बचें।
  • रीढ़ की हड्डी से संबंधित कोई चोट या फिर गंभीर समस्या होने पर इस आसन का अभ्यास नहीं करना चाहिए।

ताडासन से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर

ताड़ासन क्या है?

ताड़ासन एक तरह का योगाभ्यास है जिस का अभ्यास करना बहुत ही आसान होता है इसीलिए इसे सबसे आसान अभ्यास वाली लिस्ट में शामिल किया गया है इस आसन को करने से शरीर स्वस्थ और मजबूत होने के साथ-साथ कई बीमारियों से मुक्त रहता है।

ताड़ासन को और किस नाम से जाना जाता है?

ताड़ासन को पर्वतासन यानी पर्वत के समान मुद्रा के नाम से भी जाना जाता है। क्योंकि इसे करने के दौरान हमारा शरीर पर्वत के समान शांत और स्थिर दिखाई देता है।

क्या इस आसन का अभ्यास करने से शरीर की लंबाई बढ़ती है?

जी हां यदि आप नियमित रूप से ताड़ासन आसन का अभ्यास करते हैं तो आप अपने शरीर की लंबाई को बढ़ा सकते हैं क्योंकि इस आसन का अभ्यास करते समय हमें अपने पूरे शरीर को ऊपर से नीचे तक खींचना पड़ता है जिससे सारी में मांसपेशियां और नसों में खिंचाव होता है।

ताड़ासन को कब करना चाहिए?

आप इस योगाभ्यास को प्रातकाल अथवा संध्या के समय कर सकते हैं लेकिन इस आसन को करते समय आपका पेट पूर्ण रूप से खाली होना।

इस आसन को किन लोगों को नहीं करना चाहिए?

गर्भवती महिलाओं को, जोड़ों की समस्याओं से पीड़ित व्यक्ति तथा रीड की हड्डी कि किसी भी तरह की समस्या से पीड़ित व्यक्तियों को या महिलाओं को इस आसन का अभ्यास नहीं करना चाहिए।

निष्कर्ष

हमें आशा है कि आज के हमारे इस आर्टिकल ताड़ासन क्या है? के बारे में बताई गई सारी जानकारी आपको पसंद और समझ आ गई होगी। यदि आपको हमारे आर्टिकल के माध्यम से दी गई जानकारी समझ आ गई हो तो हम आपसे अनुरोध करते हैं कि आप हमारे आर्टिकल को अपने सभी दोस्तों के साथ शेयर करें ताकि वह भी इस आसन का अभ्यास करके अपने शरीर को मजबूत बना सके।

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