हाइपोथर्मिया क्या है? | Hypothermia In Hindi

Hypothermia In Hindi :- मनुष्य शरीर में समय के अनुसार विभिन्न प्रकार की बीमारियाँ आ जाती है। जो काफी दुखदायक होती है। आज हम आपके अपने इस लेख में एक ऐसी गंभीर बीमारी के बारे में जानने वाले है। इस बीमारी का नाम हाइपोथर्मिया हैं। जिसके बारे में आपको पता होना बेहद जरूरी है।

आमतौर पर मनुष्य को हाइपोथर्मिया की समस्या हो जाती है? लेकिन इस बीमारी के बारे में पता नही चला पाता हैं। और एक समय मे व्यक्ति के लिए काफ़ी खतरनाक बीमारी बन जाती है। लेकिन इस खतरनाक बीमारी से बचा जा सकें। इसलिए आज इस लेख में हाइपोथर्मिया क्या हैं?, हाइपोथर्मिया प्रकार और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी के बारे में जानने वाले है। तो ज्यादा जानकारी के लिए हमारे इस लेख में अंत तक बने रहे हैं।

हाइपोथर्मिया क्या हैं? | What Is Hypothermia

जब मनुष्य का शरीर गर्मी का मुकाबला करने के लिए गर्मी का उत्पादन करने में सक्षम नही रहता है और शरीर के तापमान का स्तर नींचे गिरता जाता है। तब इस स्थिति को हाइपोथर्मिया के नाम से जाना जाता हैं। यह मनुष्य शरीर के लिए काफ़ी खतरनाक समस्या हैं।

मनुष्य को अपने शरीर को स्वास्थ्य रखने के लिए कई रासायनिक क्रियाओं की जरूरत होती हैं। जैसे कि हाइपोथर्मिया जैसी समस्या से शरीर को निजात दिलाने के लिए मस्तिष्क विभिन्न प्रकार से कार्य करता है। लेकिन अगर किसी स्थिति में मष्तिष्क का हाइपोथर्मिया के प्रति कार्य करना बंद कर देता है। तो मष्तिष्क के उस हिस्से को जो हाइपोथर्मिया के लिए कार्य करता है उसे हाइपोथर्मिया कहाँ जाता हैं।

इस स्थिति में दिमाग की कार्य करने वाली क्रिया जब बिगड़ जाती है तो शरीर मे ऊष्मा का उत्पादन की जगह ह्वास होने लगता है तब शरीर के तापमान स्तर काफी निम्र चला जाता है और मनुष्य Hypothermia जैसी गंभीर समस्या से ग्रस्त हो जाता हैं।

हाइपोथर्मिया रोग का बच्चो पर असर

बच्चो की त्वचा काफी मुलायम होती है। जिस कारण हाइपोथर्मिया से बच्चो की मृत्यु ज्यादा होती है। क्योंकि जब बच्चा गर्भ में होता है तब उसका तापमान कुछ अलग होता है। लेकिन जब बच्चा जन्म लेता है तो बाहर का तापमान अलग होता हैं। और नाबालिक बच्चा बाहर का तापमान सहन नहीकर पाते हैं। और उनकी मृत्यु हो जाती हैं।

एक रिपोर्ट के अनुसार भी ऐसा माना जाता है कि हाइपोथर्मिया से नवजात और 64 बर्ष से आयु के ऊपर के लोगो की मृत्यु जाती होती हैं। क्योंकि बचपन और वृद्धावस्था में मनुष्य का शरीर की प्रणाली कमजोर हो जाती हैं। जिससे वह बाहर का तापमान सहन नही कर पाते हैं।

हाइपोथर्मिया के प्रकार

मनुष्य शरीर के लिए यह काफ़ी गंभीर समस्या हैं। जो व्यक्ति के लिए जान लेवा होती हैं। हाइपोथर्मिया मुख्य 3 प्रकार है। जो की निम्लिखित हैं

हल्का हाइपोथर्मिया

हल्का हाइपोथर्मिया में मनुष्य के शरीर का तापमान 32 से 35 डिग्री सेल्सियस हो जाता हैं। इस स्थिति में मनुष्य का शरीर कपकपाहट महसूस करता है।

मध्यम हाइपोथर्मिया

इसमें मनुष्य के शरीर का तापमान 28 से 32 डिग्री सेल्सियस हो जाता हैं। इस स्थिति में मनुष्य को ठंड ज्यादा लगती हैं।

गंभीर हाइपोथर्मिया

गंभीर हाइपोथर्मिया में में मनुष्य के शरीर का तापमान 28 डिग्री सेल्सियस से नींचे चला जाता हैं। जो मनुष्य के लिए काफी गंभीर समस्या बन जाती हैं। यह स्टेज हाइपोथर्मिया की सबसे खतरनाक होती हैं।

हाइपोथर्मिया के लक्षण

हाइपोथर्मिया के क्या – क्या लक्षण है। उनके बारे के आप नींचे पढ़ सकते हैं –

  • थकान होना
  • शरीर का कम्पन करना
  • तेजी से सांस लेना
  • त्वचा का ठंडा पड़ जाना
  • स्पष्ट न बोल पाना
  • कुपोषित का शिकार हो जाना
  • मांशपेशियों में अकड़न होना।

FAQ

हाइपोथर्मिया मनुष्य शरीर के लिए काफ़ी गंभीर समस्या हैं। इसलिए इस समस्या से जुड़े काफी प्रश्न जो अक्सर लोगो के द्वारा पूछे जाते हैं। जिनके जबाब हमनें नींचे दिए हैं। बाकी अगर आपका भी कोई प्रश्न है तो कमेंट करके पूछ सकते हैं।

हाइपोथर्मिया को हिंदी में क्या कहते हैं?

हाइपोथर्मिया जिसे हिंदी में शरीर का तापमान कहते हैं। जो एक गंभीर समस्या हैं। इस समस्या का ठंड में सबसे ज्यादा जोखिम रहता हैं।

स्वस्थ्य मनुष्य का तापमान कितना होता हैं?

स्वस्थ्य मनुष्य का तापमान 37 डिग्री सेल्शियस होता हैं।

हाइपोथर्मिया किसे कहते हैं?

हाइपोथर्मिया के प्रति कार्य करने वाले मष्तिष्क के हिस्से को हाइपोथर्मिया कहते हैं।

क्या हाइपोथर्मिया की समस्या से मृत्यु भी हो जाती हैं?

जी हां यह एक गंभीर समस्या है । और इस गंभीर समस्या में व्यक्ति की मृत्यु भी हो जाती हैं।

हाइपोथर्मिया का बच्चों क्या असर होता हैं?

रिसर्च के अनुसार हाइपोथर्मिया का असर सबसे ज्यादा बच्चो पर ही होता हैं। क्योंकि नवजात शिशु की त्वचा मुलायम होती हैं। जिससे बच्चें बाहर का तापमान सहन नही कर पाते हैं। और कई बार हाइपोथर्मिया से नवजात की मृत्यु भी हो जाती हैं।

निष्कर्ष

आज के इस आर्टिकल में हमनें आपको हाइपोथर्मिया क्या है? | Hypothermia In Hindi से जुड़ी सभी जानकारी से अवगत कराया है। आशा करता हूँ कि आपको हाइपोथर्मिया के बारे में दी गयी जानकारी अच्छी लगी होगी।

आपको दी गयी जानकारी कैसी लगी हमे कमेंट करके जरूर बताएं। साथ इस इस आर्टिकल को अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करे।

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