कब्ज क्या है: कब्ज के लिए कौन सा योगा करें

हेल्लो दोस्तों आज के इस लेख में हम बात करेंगे कि कब्ज क्या है कब्ज के लिए कौन सा योगा करें हम आपके साथ कब्ज को दूर करने के लिए कुछ योगासन बताने जा रहे हैं, जिसको करने से आपका कब्ज जरूर दूर होगा। उसके साथ साथ हम उसकी प्रक्रिया भी साझा करेंगे जिससे आपको अच्छे से समझ में आ जाए। तो चलिए शुरू करते हैं।

कब्ज क्या है

आजकल बहुत लोगों को कब्ज की समस्या हो रही है क्योंकि आजकल के लोग का खानपान सही नहीं चल रहा है। बहुत अधिक संख्या में लोग फास्ट फूड का सेवन कर रहे हैं जिसके कारण भी कब्ज की समस्या पैदा हो रही है। कब्ज हमें बादी समान खाने से भी हो जाता है जैसे – कोहडा, कटहल, अरबी इत्यादि । इसका सही इलाज ना होने पर बहुत सी बीमारियां देखने को मिलती हैं जैसे – पेट दर्द, बवासीर, पेट का फूलना, पेट में गैस का गोला बनना आदि। कब्ज की समस्या को दूर करने के लिए हमें अपने खानपान पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है, और साथ ही कब्ज को दूर करने के लिए योगा भी किया जा सकता है।

कब्ज क्या है कब्ज के लिए कौन सा योगा करें
कब्ज क्या है कब्ज के लिए कौन सा योगा करें

रोज खाना खाने के बाद कम से कम 10 से 15 मिनट वज्रासन में बैठना चाहिए। वज्रासन मैं बैठने से केवल सब्जी ही नहीं बल्कि सभी पेट की बीमारियां दूर होती है इससे हमारा ब्लड सरकुलेशन भी सही तरीके से चलता रहता है।

वज्रासन करने की विधि

1. बिछे हुए आसन पर दोनों पैरों को घुटनों से मोड़कर एड़ियों पर बैठ जाएं।
2. पैर के दोनों अंगूठे परस्पर लगे रहें। पैर के तलवों के ऊपर नितम्ब रहें।
कमर बिल्कुल सीधी रहे।
3. दोनों हाथ को कुहनियों से मोड़े बिना घुटनों पर रख दें। हथेलियाँ नीचे की ओर रहें।
4. बिलकुल सामने की ओर ध्यान केंद्रित करें।
5. रोज़ खाने के बाद 5-30 मिनट तक वज्रासन का अभ्यास करें।

मलासन

इस आसन को आपको रोज कम से कम 5 से 6 मिनट तक करना है।  मलासन करने से कब्ज ही नहीं बल्कि गर्भपात की समस्या भी दूर हो सकती है इससे कई तरह की पेट की बीमारियां सही होती है। इस आसन की मदद से आपका डाइजेस्टिव सिस्टम भी सही रहता है और आप हाइड्रेट रहते हैं। साथ ही इससे मन की शक्ति भी मजबूत होती है।

मलासन करने की विधि

1. सबसे पहले आपको अपनी योगा मैट पर सीधे खड़े हो जाएं उससे पहले उसे साफ अवश्य कर लें।
2. रीढ़ की हड्डी को सीधा करते हुए पेट अंदर लें।
3. फिर गहरी सांस लें और हाथों को प्रणाम मुद्रा में लें।
4. सांस छोड़ते हुए घुटनों के बल बैठें
अपनी जांघों को धीरे-धीरे फैलाएं।
5. सांस अंदर की ओर लेते हुए इसी मुद्रा में 1 मिनट तक बैठें।

पश्चिमोत्तानासन

यह आसन रोज कम से कम 2 से 4 मिनट तक रोज करना चाहिए पश्चिमोत्तानासन करने से पाचनतंत्र  में सुधार होता है। पश्चिमोत्तानासन का नियमित अभ्यास करने से कब्ज की शिकायत दूर होती है साथ ही साथ पेट की अन्य बीमारियां भी दूर होती हैं।

पश्चिमोत्तानासन करने की विधि

1. सबसे पहले आप बैठ जाएं।
अब दोनों पैरों को सीधा सामने की तरफ फैलाएं। पीठ को ढीला छोड़ दें।
2. सांस लेते हुए अपने हाथों को ऊपर लेकर जाएं।
3. फिर सांस छोड़ते हुए आगे की ओर झुके।
4. कोशिश करें की आप अपने उँगलियों से पैर के अंगूठे को पकडे और अपनी नाक घुटने से सटाएं।
5. धीरे धीरे सांस लें, फिर धीरे धीरे सांस छोड़ें।
6. इस तरह से आप 3 से 5 बार करें।

7. हो सकता है शुरू में आप ज्यादा न झुक पाएं लेकिन घबराएं नहीं अभ्यास करते हुए आप पूरा झुकने लगेंगे।

भुजंगासन

भुजंगासन सूर्य नमस्कार के आसनों में से आठवां आसन हैं। भुजंगासन खाली पेट ही करना चाहिए। इस आसन को करने से पाचन तंत्र और मूत्र मार्ग की सभी समस्याएं दूर होती हैं। साथ ही साथ इस आसन को करने से रीढ़ की हड्डी भी मजबूत होती है।

भुजंगासन करने की विधि

1. भुजंगासन करने के लिए सबसे पहले पेट के बल लेट जाइए।
2.  इसके बाद आपको अपनी हथेली को कंधे के नीचे रखना है।
3. अपने दोनों पैरों को पीछे की तरफ खींचते हुए सीधा रखिए और दोनों पैरों में दूरी नहीं होनी चाहिए
4. इसके बाद लम्बी साँस ले और गर्दन से कमर तक के भाग को ऊपर उठाएं।
5. एक बात का ख्याल रखें की कमर पर ज्यादा खिंचाव ना आने पाए।
6. 10-20 सेकंड्स के लिए इसी अवस्था में रहें।
7. फिर सांस छोड़ते हुए सामान्य अवस्था में आ जाएं।

बालासन

बालासन रेस्ट पोज़ यानी आराम करने वाला आसन माना जाता है। नियमित बालासन करने से पेट के भीतरी अंगों का अच्छे से मसाज होता है। यह आसन पाचन तंत्र और कब्ज दूर करने के लिए प्रमुख आसनों में से एक है।

बालासन करने की विधि

1. बालासन करने के लिए सबसे पहले पैरों को उल्टा करके/ वज्रासन की अवस्था में बैठ जाए।
2. फिर सांसों को अंदर लेते हुए हाथों को सीधा ऊपर की ओर उठाएं
3.  अब सांसो को छोड़ते हुए नीचे आगे की तरफ झुके।
4. रखना है कि कूल्हों के जोड़ों से आगे झुके कमर के जोड़ों से नहीं।
5.  सिर को नीचे जमीन पर टिका लें।
6. अब इसी अवस्था में कुछ देर तक रुके।
7. थोड़ी देर बाद ऊपर की और सीधा उठते हुए हाथों को नीचे ले आएं।

धनुरासन

धनुरासन पैरों को पीछे मुड़कर करने वाला आसन है। इस आसन के नियमित अभ्यास से पेट के अंदर की सभी नशें और आतें सही से काम करने लगती हैं। इससे कब्ज की बीमारी से तुरंत आराम मिलता है।

धनुरासन करने की विधि

1. सबसे पेट के बल लेट जाएं, पैरों को सटाकर रखें और हाथों को पैरों के पास रखें।

2. धीरे-धीरे घुटनों को मोड़ें और हाथों से अंगूठे को पकड़ें।

3. लंबी साँस ले और सीने को उठाएं और जांघों को जमीन से ऊपर उठाएं। हाथों से पैरों को खीचें।

4. सामने की तरफ देखते रहें।

5. अपना ध्यान सांसों की गति पर केंद्रित करने की कोशिश करें। शरीर धनुष की तरह खिंचा हुआ रहे।

6. तभी तक करें जब तक आप आसानी से आसन कर सकें। सांसें लंबी और गहरी लेते रहें।

7. करीब 15-20 सेकेंड के बाद, सांस छोड़ते हुए सामान्य हो जाएं।

मयूरासन

यह आसन पैरों को मोर की पंखों की तरह ऊपर उठा कर किया जाता है। इस आसन की मदद से पेट पर दबाव बढ़ता है और अस्वस्थ्य भोजन के प्रभावों को नष्ट करता है।

मयूराआसन करने की विधि

1. सबसे पहले पेट के बल सीधा लेट जाये।

2. दोनों हाथों को दोनों घुटने के बीच रखें। हाथ के अँगूठे और अँगुलियाँ अंदर की ओर रखते हुए हथेली जमीन पर रखें।
3. फिर दोनों हाथ की कोहनियों को नाभि के पास दाएँ-बाएँ अच्छे से जमा लें।
4. पैर उठाते समय दोनों हाथों पर बराबर वजन देकर धीरे-धीरे पैरों को उठाएँ।

5. हाथ के पंजे और कोहनियों के बल पर धीरे-धीरे सामने की ओर झुकते हुए शरीर को आगे झुकाने के बाद।

6. पैरों को धीरे-धीरे सीधा कर दें।
पुन: सामान्य स्थिति में आने के लिए पहले पैरों को जमीन पर ले आएँ और तब पुन: वज्रासन की स्थिति में आ जाए।

FAQ

कब्ज होने के का मुख्य कारण क्या हो सकता है?

कब्ज होने का मुख्य कारण फास्ट फूड का सेवन करना होता है।

कब्ज किस योग की मदद से खत्म कर सकते है?

कब्ज से खत्म करने के लिए कई लोग हैं। जिन्हें प्रतिदिन करके कब्ज की बीमारी को खत्म किया जा सकता है। कुछ योग के बारे में ऊपर हम बता चुके हैं।

कब्ज होने से शरीर में और कौन-कौन सी बीमारी बन सकती है?

कब्ज होने से पेट में दर्द, गैस कमजोरी आदि जैसी बीमारी हो सकती हैं।

निष्कर्ष-

आज के इस लेख में हमने जाना की कब्ज क्या है कब्ज के लिए कौन सा योगा करें नियमित रूप से और सही तरीके से किया जाये तो कब्ज की समस्या तुरंत हल हो सकती है। सभी आसनों को करते हुए अपने खान-पान का भी ध्यान रखना चाहिए क्योंकि फ़ास्ट फ़ूड या अस्वस्थ तरीके का खान-पान से योग का भी कोई ज्यादा नहीं होगा। योग करने के साथ-साथ आप एलोवेरा जूस का भी सेवन कर सकते है।

हम उम्मीद करते हैं आपको हमारा लेख पसंद आया होगा पसंद आया हो तो अपने मित्रो व सगे संबंधियों के साथ अवश्य साझा करें।

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