सुप्त बद्ध कोणासन क्या है? करने की विधि, फायदे और सावधानियां

अगर हम आपसे पूछे कि आप एक स्वस्थ एवं फिट शरीर प्राप्त करना चाहते हैं तो आपका जबाब हाँ ही होगा। आज के समय में व्यक्ति अपनी life में इतना busy हो गया है कि वह अपने शरीर पर ध्यान नही देते और बाहर फ़ास्ट फ़ूड जैसे- पिज्जा, बर्गर आदि का सेवन करते हैं जिसकी बजह से शरीर मे अनचाहा फैट बढ़ जाता है। शरीर मे बढ़ते फैट के साथ कई जानलेवा बीमारी पैदा होने लगती है।

अगर आप अपने शरीर के बढ़ते वजन से परेशान है और इससे कम करना चाहते है तो सुप्त बद्ध कोणासन आपके वजन को कम करने में मदद कर सकता है। यदि आप नही जानते सुप्त बद्ध कोणासन क्या है? और इससे करने के क्या फायदे है तो आपको चिंतित होने की आवश्यकता नही है, क्योंकि इस लेख के माध्यम से What Is Supta Baddha Konasana/ Reclining Bound Angle Pose? से सम्बंधित सभी जरूरी डिटेल प्रदान करने जा रहे हैं।

सुप्त बद्ध कोणासन क्या है? | What Is Supta Baddha Konasana/ Reclining Bound Angle Pose in Hindi

सुप्त बद्ध कोणासन एक संस्कृत भाषा का शब्द है जो मुख्य रूप से चार शब्दो से मिलकर बना है जिसमें सुप्त का मतलब लेटा हुआ, बुद्ध का अर्थ बंधा हुआ, कोण से अर्थ  अंग को मोड़ने से बनी स्थिति तथा आसान का अर्थ बैठने, खड़े होने या लेटने की मुद्रा से है। यह एक ऐसा आसान है जिससे करने से हमारे शरीर मे नई ऊर्जा पैदा होती है और नर्व्स सिस्टम शांत उत्तजित नही होता है साथ ही टांगों, पीठ, कमर, पाचनतंत्र को मजबूत बनाता है। जिसकी बजह से इस योगासन को Restorative Yoga Poses के अंतर्गत गिना जाता है।

जो लोग सुप्त बद्ध कोणासन का अभ्यास करते है वह लोग अपने शरीर के साथ साथ दिमाग पर नियंत्रण आसानी कर पाते है। इस आसान का अभ्यास करना कोई कठिन कार्य नही है लेकिन सुप्त बद्ध कोणासन का अभ्यास करते समय हमें अपने दिमाग को केंद्रीत करने की आवश्यकता होती है। जिसके लिए काफी लबे समय तक अभ्यास और मेहनत की आवश्यकता होती है। अगर वास्तव में आप इस आसन का लाभ लेना चाहते है तो सही विधि से इस आसान को करना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है।

सुप्त बद्ध कोणासन करने के फायदे

शरीर को स्वस्थ और मजबूत बनाने के लिए बहुत सारे ऐसे योगसन है जो शरीर को बहुत सारे लाभ पहुँचते है सुप्त बद्ध कोणासन का नियमित रुप से अभ्यास भी आपके शरीर को कई तरह से फायदे होते है जिनके बारे में नीचे जानकारी उपलब्ध कराई है-

सुप्त बद्ध कोणासन ब्लड प्रेशर को नियमित करने के लिए फायदेमंद

इस आसन का नियमित रूप से अभ्यास करने से शरीर में सुचारू रूप से ब्लड फ्लो होता है जिसकी वजह से जिन लोगों को ब्लड प्रेशर की समस्या होती है उन लोगों के लिए यह आसन काफी महत्वपूर्ण हो जाता है। कई शोधों में यह पाया गया है कि ब्लड प्रेशर जैसी समस्या से पीड़ित जो लोग सुप्त बद्ध कोणासन का अभ्यास करते है उनमें ब्लड प्रेशर की समस्या नियंत्रित रहती है।

हार्निया की रोकथाम में मददगार

हारने पेट में होने वाली एक ऐसी समस्या है जिसमें किसी अंग के चीन से अंदर से भूतिया मांसपेशियों का विकास हो जाता है तो उस स्थिति में व्यक्ति को भारी दर्द और कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। जिन लोगों को हारने की समस्या है यदि वह लोग रोजाना सुप्त बद्ध कोणासन का अभ्यास करते है तो वह हार नहीं है जैसी खतरनाक बीमारी से छुटकारा पा सकते है।

हिप्स और ग्रोइन को ज्यादा लचीला बनाता

सुप्त बद्ध कोणासन आसन का अभ्यास करने के दौरान हमें अपनेहिप्स और ग्रोइन पर काफी अधिक जोर लगाना पड़ता है जिसकी वजह से हिप्स और ग्रोइन की मांसपेशियों पर बहुत अधिक जाओ पड़ता है जिसकी वजह से हमारे शरीर के हिप्स और ग्रोइन को लचीला बनाने में मदद मिलती है।

कमर के निचले हिस्से के दर्द में राहत प्रदान करें

कमर की दर्द की वजह से काफी लोग अपना कार्य नहीं कर पाते क्योंकि उन्हें बैठने और लेटने दोनों में ही प्रॉब्लम होती है ऐसे में सुप्त बद्ध कोणासन का नियमित अभ्यास आपको कमर दर्द से राहत दिलाने में काफी मददगार हो सकता है क्योंकि इससे आपको अपने शरीर की हड्डी को रिलैक्स तथा पैरों पर बहुत ज्यादा जोर डालना पड़ता है जिससे रीड की हड्डी मजबूत बनती है पुरुष और कमर के दर्द से राहत मिलती है।

बवासीर के दर्द के लिए फायदेमंद है सुप्त बद्ध कोणासन

बवासीर एक ऐसी बीमारी है जिसमें व्यक्ति को काफी दर्द सहना पड़ता है ऐसे में तरह रहेगी और सभी और दवाइयों का प्रयोग करने के पश्चात भी दर्द से राहत नहीं मिलता लेकिन यदि आप बवासीर के दर्द से राहत पाना चाहते हैं तो रोजाना सुप्त बद्ध कोणासन का अभ्यास करके बवासीर के दौरान होने वाले दर्द से मुक्ति पा सकते है।

किडनी को टोन करे नियंत्रण

आजकल के खराब लाइफस्टाइल और खानपान की वजह से किडनी स्टोन जैसे समस्या बहुत अधिक देखने को मिलती है। जिंसमे लोगो को काफी दर्द का सामना करना पड़ता है यदि आपको भी किडनी स्टोन की समस्या है और आपको काफी दर्द का सामना करना पड़ रहा है तो आप इस को करना शुरू कर दें क्योंकि यह आसन किडनी स्टोन दर्द को नियंत्रित करने के लिए काफी फायदेमंद होता है।

सुप्त बद्ध कोणासन करने की विधि

सुप्त बद्ध कोणासन को करना कोई बड़ी बात नहीं है इसे कोई भी व्यक्ति आसानी से कुछ अभ्यास करके सीख सकता है लेकिन केवल सही तरीके से विधि पूर्वक इस आसन का अभ्यास करने से ही शरीर को फायदा पहुंचता है यदि आप इस आसन को करने की सही विधि के बारे में जानना चाहते हैं तो नीचे बताए गए बिंदुओं को ध्यान पूर्वक पढ़ कर उनका अनुसरण करें।

  • सुप्त बद्ध कोणासन करने के लिए सबसे पहले आपको जमीन पर योग में शवासन की मुद्रा में लेटना होगा।
  • लेटने के पश्चात आपको अपने घुटनों को धीरे धीरे भीतर की ओर मोड़ना शुरू करना है ध्यान रहे आपको दोनों पैरों को एक साथ फर्श को छूते हुए भीतर की ओर लाना है।
  • इसके बाद आपको इसी अवस्था में पैरों को धीरे-धीरे मोड़ते हुए अपनी एड़ियों को ग्रोइन के पास लाकर रोकना है।
  • फिर आपको अपने दोनों हाथों की हथेलियों को खेत के पास रख कर नीचे की ओर दबाना होगा।
  • अब आपको अपने पेट के नीचे मांसपेशियों को भीतर खींचते हुए सांप को छोड़ना है। तथा अपनी टेलबोन को प्यूबिक बोन की तरफ खींचना है।
  • इसी प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए आपको अपनी पीठ के निचले हिस्से पर दबाव महसूस करना है। और अपनी रेलवेज को स्थिर रखते हुए रीड की हड्डी की तरफ झुकाना है।
  • फिर आपको सांस को तुरंत ही चेक कर रोकना है और फिर छोड़ देना है इस अवस्था में आपको कम से कम 1 मिनट तक रहना होगा जिसमें आपको बार-बार अपनी सांसो को गहरी और धीमी गति से छोड़ना और ग्रहण करना होगा।

सुप्त बद्ध कोणासन करने से पहले ध्यान रखने वाली बातें

इस आसन का अभ्यास करने से पूर्व आपको कई महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना है जैसे

  • इस आसन को आप खाली पेट और सुबह के समय में ही करें। अथवा आप चाहें तो इसे संध्या काल किस तरह देख कर सकते हैं।
  • आसन करने से पहले आपको यह बात विशेष रुप से ध्यान रखनी है कि आपका पेट पूर्ण रूप से खाली होना चाहिए इसके लिए आप पहले से ही शौच आदि कार्य करने जिनसे आपका पेट पूरी तरह से खाली हो जाए।

सुप्त बद्ध कोणासन करने से पूर्व सावधानी

सुप्त बद्ध कोणासन को करने से पूर्व आपको कुछ सावधानियां बरतनी होगी अन्यथा इस आसन को करते समय आपको कई मुश्किलें आ सकती हैं तथा शरीर में दर्द महसूस हो सकता है। जैसे-

  • यदि इस आसन को करने के दौरान या फिर पहले से ही आप की रीढ़ की हड्डी में दर्द होता है तो इस आसन का अभ्यास ना करें।
  • जो लोग किसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त हैं उन लोगों के लिए यह आसन बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए।
  • जिन लोगों की गर्दन में कोई चोट या फिर किसी प्रकार का दर्द होता है तो उन लोगों के लिए यह आसन नुकसानदायक हो सकता है।
  • ऐसे लोग जोस्लिप डिस्क के मरीज है वह इस आसन का अभ्यास करने से खुद को बचाएं।
  • इस आसन का अभ्यास करते समय यदि आपके कंधों में दर्द की समस्या होती है तो अपने हाथों को ऊपर करने से रोकें।
  • आर्थराइटिस या फिर घुटनों के दर्द की समस्या होने पर इस आसन को करते समय दीवार का सहारा ले।
  • जिन लोगों को हाई ब्लड प्रेशर अथवा दिल से संबंधित कोई समस्या है तो वह इस आसन का अभ्यास ना करें।

FAQ

सुप्त बद्ध कोणासन का अर्थ क्या है?

सुप्त बद्ध कोणासन एक संस्कृत भाषा का शब्द है जिसका अर्थ लेटा हुआ, मुड़ा हुआ, अंगों को मोड़ने की मुद्रा होता है।

इस आसन का अभ्यास क्यों करना चाहिए?

शरीर को लचीला और शरीर को तंदुरुस्त बनाए रखने के लिए इस आसन का अभ्यास करना काफी फायदेमंद हो सकता है। लेकिन गंभीर बीमारियां यह जोड़ों की समस्या से पीड़ित लोगों को केवल डॉक्टर की सलाह से ही इस आसन का अभ्यास करना चाहिए।

सुप्त बद्ध कोणासन को अंग्रेजी भाषा में क्या कहा जाता है?

इस आसन को अंग्रेजी भाषा में Reclining Bound Angle Pose के नाम से भी जाना जाता है।

क्या ह्रदय रोगी के लिए सुप्त बद्ध कोणासन का अभ्यास करना सही होता है?

सुप्त बद्ध कोणासन का अभ्यास हृदय रोग से पीड़ित रोगियों को बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए क्योंकि इसमें शरीर पर बहुत अधिक बल लगाना पड़ता है ऐसे में आपके शरीर की समस्या बढ़ सकती है।

निष्कर्ष

शरीर में होने वाली कई बीमारियों को दूर करने के लिए तथा शरीर का संतुलन बनाए रखने के लिए सुप्त बद्ध कोणासन बहुत ही फायदेमंद आसन है जिसका अभ्यास करने के शुरुआती समय में आपको थोड़ी समस्या आ सकते हैं लेकिन धीरे-धीरे इसका अभ्यास करने से आप इसे अच्छी तरह से करके अपने मन और शरीर को नियंत्रित करना सीख सकते हैं। हमें उम्मीद है कि आपको हमारे इस लेख में दी गई जानकारी पसंद आई होगी। कमेंट सेक्शन में कमेंट करके जरूर बताएं।

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